रायपुर, 21 जून 2026. करीब दो हफ्ते की सुस्ती के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दोबारा रफ्तार पकड़ी है, और इसका सीधा असर अब छत्तीसगढ़ के मौसम पर दिखने लगा है. रविवार को भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के उत्तरी और दक्षिणी संभागों के लिए ऑरेंज, जबकि मध्य छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है.
आज का मौसम
- ऑरेंज अलर्ट: सरगुजा संभाग और उससे लगे जिले, दक्षिण बस्तर संभाग का एक जिला
- येलो अलर्ट: रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग समेत मध्य छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिले
- मुख्य खतरा: गरज-चमक, तेज हवाएं, आकाशीय बिजली
- राहत: उमस और गर्मी से कुछ हद तक छुटकारा
उत्तर और दक्षिण में बारिश बीच में उमस
मौसम विभाग के मुताबिक आज प्रदेश में दो अलग मिजाज देखने को मिलेंगे. उत्तर और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है, और सरगुजा संभाग व उससे लगे कई जिलों में तेज हवा, गरज-चमक तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की स्थिति बन सकती है. दक्षिण में बस्तर संभाग के एक जिले को भी ऑरेंज अलर्ट श्रेणी में रखा गया है.
इसके उलट रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे मध्य छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिले येलो अलर्ट में हैं, जहाँ मौसम में अचानक बदलाव, हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. यानी इन इलाकों में दिनभर उमस के बाद शाम तक राहत की बौछारें संभव हैं.
मानसून 14 दिन क्यों थमा रहा
मानसून की इस सुस्ती के पीछे वायुमंडलीय वजहें रहीं. पिछले करीब दो हफ्तों से मानसून एक ही जगह थमा हुआ था, जो अब धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगा है. इसी ठहराव के चलते छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत के कई हिस्सों में जून के दूसरे पखवाड़े में भी गर्मी और उमस बनी रही.
कब तक पूरे प्रदेश में छाएगा मानसून
IMD की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में आगे बढ़ने की संभावना है. इसके बाद राज्य में बारिश की गतिविधियाँ तेज होने की उम्मीद है. India Meteorological Department
सतर्क रहें, ये सावधानियां जरूरी
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊँचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. किसानों को खेतों में काम के दौरान सतर्कता बरतने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है. विभाग ने यह भी आगाह किया है कि गरज-चमक और आकाशीय बिजली की घटनाओं को हल्के में न लें.
किसानों के लिए क्या मायने
मानसून की वापसी खरीफ की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर है. हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बुवाई से पहले मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने का इंतजार करें क्योंकि छिटपुट बारिश के भरोसे जल्दबाजी में बोई गई फसल को बाद में नमी की कमी का सामना करना पड़ सकता है.
स्रोत: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम केंद्र रायपुर.






